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नवरात्रि स्पेशल व्रत वाली खिचड़ी

नवरात्रि के व्रत में ऐसा भोजन चाहिए जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट को भरने वाला, हल्का और आसानी से पचने वाला भी हो। ऐसे में व्रत वाली खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है। यह सामान्य चावल वाली खिचड़ी से थोड़ी अलग होती है और व्रत में खाए जाने वाले अनाज तथा मसालों से तैयार की जाती है।


नवरात्रि स्पेशल व्रत वाली खिचड़ी जिसमें सामक के चावल, आलू, मूंगफली और हरा धनिया है


सामक के चावल, आलू, मूंगफली, जीरा और सेंधा नमक से बनने वाली यह खिचड़ी बहुत कम समय में तैयार हो जाती है। ऊपर से थोड़ा देसी घी और हरा धनिया डालने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। यह रेसिपी एक व्यक्ति के लिए है, इसलिए इसमें सामग्री की मात्रा भी उसी हिसाब से रखी गई है।

छोटी-सी बात: व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मसालों के नियम परिवार, परंपरा तथा क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने व्रत के नियमों के अनुसार सामग्री चुनें।


सामग्री

  • समा के चावल या सामक के चावल — ½ कप

  • उबला हुआ आलू — 1 छोटा

  • मूंगफली — 2 बड़े चम्मच

  • देसी घी — 1 छोटा चम्मच

  • जीरा — ½ छोटा चम्मच

  • हरी मिर्च — 1

  • अदरक — ½ छोटा चम्मच, बारीक कटा हुआ

  • सेंधा नमक — स्वादानुसार

  • हरा धनिया — 1 बड़ा चम्मच, बारीक कटा हुआ

  • पानी — लगभग 1½ कप

  • नींबू का रस — 1 छोटा चम्मच


मूंगफली तैयार करें

सबसे पहले एक छोटी कड़ाही गरम करें और उसमें मूंगफली डालकर धीमी से मध्यम आँच पर हल्का कुरकुरा होने तक भून लें। इसे लगातार चलाते रहें ताकि मूंगफली जले नहीं।

भुनी हुई मूंगफली को थोड़ा ठंडा होने दें। फिर इसका आधा हिस्सा हल्का-सा कूट लें और बाकी मूंगफली साबुत रहने दें। इससे खिचड़ी में कहीं-कहीं कुरकुरापन मिलेगा और स्वाद भी अच्छा आएगा।


समा के छावल / सामक के चावल धोएँ

सामक के चावल को 2–3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद लगभग 10 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। भिगोने से सामक जल्दी पकता है और खिचड़ी का स्वाद भी बेहतर रहता है।


आलू तैयार करें

उबले हुए आलू को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। बहुत बड़े टुकड़े रखने से खिचड़ी में आलू अच्छी तरह मिश्रित नहीं हो पाएगा, इसलिए छोटे टुकड़े अधिक अच्छे रहते हैं।


खिचड़ी बनाना शुरू करें

अब एक छोटी और भारी तली वाली कड़ाही या पैन को मध्यम आँच पर गरम करें। उसमें देसी घी डालें।

घी गरम होने पर जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर कुछ सेकंड भूनें। ध्यान रखें कि मसालों को बहुत ज्यादा न भूनें।

इसके बाद कटे हुए उबले आलू डालें और लगभग 1 मिनट तक हल्के हाथ से चलाते हुए भूनें।


सामक और मूंगफली डालें

अब पानी से निकाले हुए सामक के चावल डाल दें। साथ ही कुटी हुई और थोड़ी साबुत भुनी मूंगफली भी मिला दें।

सेंधा नमक डालकर सभी सामग्री को धीरे-धीरे मिलाएँ, ताकि आलू ज्यादा न टूटें।


पानी डालकर पकाएँ

अब लगभग 1½ कप पानी डालें और मिश्रण को एक बार अच्छी तरह चला दें। आँच तेज करके पानी को उबाल आने दें।

उबाल आने के बाद आँच धीमी कर दें और कड़ाही को ढककर लगभग 8–12 मिनट तक पकाएँ। बीच में एक-दो बार धीरे से चला दें।

सामक के चावल पानी सोखकर फूलने लगेंगे। जब खिचड़ी नरम हो जाए और अधिकांश पानी अच्छी तरह मिल जाए, तब गैस बंद कर दें।

अगर खिचड़ी बहुत सूखी लगे तो 2–3 बड़े चम्मच गरम पानी डालकर एक-दो मिनट और पकाया जा सकता है। व्रत वाली खिचड़ी को बहुत ज्यादा सूखा रखने के बजाय हल्का नरम और दानेदार रखना अधिक स्वादिष्ट लगता है।


अंत में नींबू और धनिया डालें

गैस बंद करने के बाद खिचड़ी को लगभग 2 मिनट ढककर रहने दें। फिर इसमें नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालें।

ऊपर से चाहें तो ½ छोटा चम्मच देसी घी डाल सकते हैं। इससे खिचड़ी में अच्छी खुशबू और स्वाद आएगा।


परोसने का तरीका

गर्मागर्म व्रत वाली खिचड़ी को एक कटोरी में निकालें और ऊपर से थोड़ी साबुत भुनी मूंगफली तथा हरा धनिया डालकर परोसें।

इसे आप सेंधा नमक वाली दही, सादा दही या व्रत के अनुकूल किसी हल्की चटनी के साथ खा सकते हैं। गरम खिचड़ी और ठंडी दही का मेल स्वाद को और बेहतर बना देता है।


स्वादिष्ट बनाने के छोटे सुझाव

सामक के चावल को पकाने से पहले थोड़ी देर भिगोना न भूलें। इससे खिचड़ी जल्दी तैयार होती है।

मूंगफली को पहले अच्छी तरह भूनने से उसका स्वाद अधिक अच्छा आता है। बहुत ज्यादा तेल या घी डालने की जरूरत नहीं है।

खिचड़ी में पानी एक साथ बहुत ज्यादा न डालें। जरूरत पड़ने पर बाद में थोड़ा गरम पानी मिलाना आसान रहता है।

हरी मिर्च की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं।

व्रत के दौरान गरम मसाले, सामान्य नमक या ऐसी अन्य सामग्री न डालें जो आपके व्रत में मान्य न हो।


कितने समय में तैयार होगी?

इस रेसिपी को तैयार करने में लगभग 20–25 मिनट लगते हैं। इसमें सामक को थोड़ी देर भिगोने का समय भी शामिल है। एक व्यक्ति के लिए यह मात्रा एक संतोषजनक भोजन के लिए पर्याप्त रहती है।


क्यों बनाएँ यह व्रत वाली खिचड़ी?

नवरात्रि के दौरान रोज-रोज एक जैसा फलाहारी भोजन खाने से मन ऊब सकता है। ऐसे में सामक, आलू और मूंगफली से बनी यह खिचड़ी स्वाद में बदलाव भी देती है और इसे घर पर कम सामग्री में आसानी से बनाया जा सकता है।

इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा तैयारी या विशेष पाक-कौशल की जरूरत नहीं पड़ती। थोड़े से देसी घी, भुनी मूंगफली और ताजी हरी धनिया की मदद से साधारण सामग्री से भी स्वादिष्ट फलाहारी भोजन तैयार हो जाता है।


एक व्यक्ति के लिए तैयार आपकी नवरात्रि स्पेशल व्रत वाली खिचड़ी अब गरमागरम परोसने के लिए तैयार है। ऊपर से एक छोटा चम्मच देसी घी और साथ में दही मिल जाए, तो व्रत का यह सादा भोजन बेहद स्वादिष्ट लग सकता है।

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