हाइवे के किनारे किसी ढाबे पर गरमागरम राजमा चावल की प्लेट मिल जाए, तो उसकी खुशबू और स्वाद अलग ही एहसास देता है। गाढ़ी, मसालेदार और हल्की-सी तीखी राजमा की ग्रेवी, ऊपर से चावल की गर्माहट और साथ में प्याज या अचार—यह एक ऐसा खाना है जिसे देखकर ही भूख बढ़ जाती है।
अच्छी बात यह है कि उसी तरह का स्वाद घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। सही तरीके से राजमा गलाने, मसालों को अच्छी तरह भूनने और ग्रेवी को पर्याप्त समय देने से घर का साधारण राजमा चावल भी ढाबे जैसा भरपूर और स्वादिष्ट बन सकता है।
इस रेसिपी में मात्रा एक व्यक्ति के लिए है, इसलिए अकेले खाने के लिए भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है।
राजमा के लिए सामग्री
राजमा – ½ कप
बासमती या सामान्य चावल – ¾ कप
प्याज – 1 छोटा, बारीक कटा हुआ
टमाटर – 1 मध्यम, बारीक कटा या पीसा हुआ
अदरक – ½ चम्मच, बारीक कटा या कद्दूकस किया हुआ
लहसुन – 2 से 3 कलियाँ, बारीक कटी हुई
हरी मिर्च – 1 छोटी, बारीक कटी हुई
जीरा – ½ चम्मच
हल्दी – ¼ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – ¼ से ½ चम्मच
धनिया पाउडर – ½ चम्मच
गरम मसाला – ¼ चम्मच
कश्मीरी लाल मिर्च – ¼ चम्मच
नमक – स्वादानुसार
तेल या घी – 1 से 1½ बड़ा चम्मच
पानी – आवश्यकता अनुसार
हरा धनिया – थोड़ा-सा
ढाबे जैसा स्वाद लाने की छोटी तैयारी
राजमा को अच्छी तरह धोकर कम से कम 8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें। इससे राजमा अच्छी तरह फूल जाएगा और जल्दी गलने में मदद मिलेगी।
भीगा हुआ पानी फेंककर राजमा को साफ पानी से एक बार फिर धो लें।
अब इसे प्रेशर कुकर में डालें और इतना पानी डालें कि राजमा अच्छी तरह डूब जाए। थोड़ा नमक डालकर राजमा को नरम होने तक पकाएं। राजमा बिल्कुल मुलायम होना चाहिए। उंगली या चम्मच से दबाने पर आसानी से टूट जाए, तभी ढाबे जैसी मलाईदार ग्रेवी तैयार होगी।
चावल पकाने का तरीका
चावल को 2–3 बार पानी से धो लें, ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। फिर लगभग 15–20 मिनट के लिए भिगो दें।
एक छोटे बर्तन में चावल, लगभग 1½ कप पानी और थोड़ा-सा नमक डालें। मध्यम आंच पर पकाएं। जब पानी लगभग सूख जाए और चावल पक जाएं, तो गैस बंद कर दें।
चावल को बहुत ज्यादा न पकाएं। दाने खिले हुए रहें, तो राजमा के साथ खाने में ज्यादा अच्छे लगते हैं।
ढाबे वाली राजमा ग्रेवी
अब असली स्वाद का काम शुरू होता है।
एक कड़ाही या छोटे भारी तले वाले बर्तन में तेल या घी गरम करें। इसमें जीरा डालें और उसे हल्का-सा चटकने दें।
इसके बाद बारीक कटा प्याज डालें। प्याज को मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। यही वह चरण है जो राजमा के स्वाद में गहराई लाता है, इसलिए प्याज को कच्चा न छोड़ें।
अब अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें। जब इसकी कच्ची खुशबू कम हो जाए, तो टमाटर डाल दें।
टमाटर के साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक डालें। मसाले को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाए और मसाले से तेल अलग दिखाई देने लगे।
यहां जल्दबाजी न करें। मसाले का अच्छी तरह भुनना ही ढाबे जैसे राजमा की सबसे जरूरी बातों में से एक है।
राजमा मिलाने का सही तरीका
अब पका हुआ राजमा कड़ाही में डाल दें। राजमा का थोड़ा-सा उबला हुआ पानी भी साथ डालें। ग्रेवी को अपनी पसंद के अनुसार थोड़ा गाढ़ा या पतला रखा जा सकता है, लेकिन ढाबे वाले राजमा के लिए ग्रेवी न बहुत पतली हो और न बिल्कुल सूखी।
चम्मच से कुछ राजमा को हल्का-सा दबा दें। इससे राजमा की स्टार्चयुक्त बनावट ग्रेवी में मिलती है और ग्रेवी स्वाभाविक रूप से गाढ़ी तथा क्रीमी लगने लगती है।
अब इसे धीमी आंच पर 8–10 मिनट तक पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें।
धीमी आंच पर पकाने से मसाले, टमाटर और राजमा का स्वाद आपस में अच्छी तरह मिल जाता है। यही प्रक्रिया साधारण राजमा को ज्यादा गहरा और भरपूर स्वाद देती है।
अंत में गरम मसाला डालें और ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल दें। एक बार स्वाद चखकर नमक और तीखापन अपनी पसंद के अनुसार समायोजित कर लें।
ढाबे वाला अंतिम स्वाद
गैस बंद करने से ठीक पहले ऊपर से ½ चम्मच घी डालना चाहें, तो डाल सकते हैं। यह पूरी तरह वैकल्पिक है, लेकिन इससे खुशबू और स्वाद और भी शानदार हो जाता है।
राजमा को परोसने से पहले 2–3 मिनट ढककर छोड़ दें। इस छोटे-से इंतजार से ग्रेवी थोड़ी और सेट हो जाती है।
कैसे परोसें?
एक प्लेट में गरमागरम चावल निकालें और उसके ऊपर या बगल में भरपूर राजमा डालें। साथ में बारीक कटा प्याज, थोड़ा हरा धनिया और पसंद हो तो नींबू का छोटा टुकड़ा रख सकते हैं।
राजमा चावल के साथ आम का अचार या हरी मिर्च भी बहुत अच्छी लगती है।
सबसे अच्छा स्वाद तब आता है जब राजमा बिल्कुल गरम हो और चावल भी ताजा-ताजा परोसे गए हों।
ढाबे जैसा राजमा बनाने के काम के टिप्स
राजमा जितना अच्छी तरह भीगा और पका होगा, अंतिम डिश उतनी ही अच्छी बनेगी। अधपका राजमा ग्रेवी का स्वाद और बनावट दोनों खराब कर सकता है।
प्याज और मसाले को पर्याप्त समय देकर भूनें। केवल कुछ मिनट में मसाला तैयार कर देने से वह गहराई नहीं आएगी जो ढाबे वाले राजमा में महसूस होती है।
राजमा पकाने के बाद थोड़े दाने दबाकर ग्रेवी में मिला देने से बिना किसी अतिरिक्त गाढ़ेपन के ग्रेवी ज्यादा अच्छी बनती है।
टमाटर खट्टे हों, तो स्वाद को संतुलित रखने के लिए लाल मिर्च और गरम मसाले की मात्रा बहुत ज्यादा न करें।
राजमा को तैयार करने के बाद तुरंत खाने के बजाय कुछ मिनट छोड़ना भी उपयोगी होता है, क्योंकि थोड़ी देर में मसालों का स्वाद और अच्छी तरह घुल जाता है।
एक व्यक्ति के लिए आसान नाप
इस रेसिपी में ½ कप सूखा राजमा और ¾ कप चावल रखा गया है। यह मात्रा एक व्यक्ति के लिए एक भरपूर भोजन के लिए पर्याप्त हो सकती है। अधिक भूख होने पर चावल की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है।
आखिरी बात
हाइवे ढाबे वाला राजमा चावल बनाने का असली राज किसी बहुत महंगे मसाले में नहीं, बल्कि अच्छी तरह पके राजमा, अच्छे से भुने मसाले और धीमी आंच पर पकाई गई ग्रेवी में छिपा है।
जब प्याज अच्छी तरह भुन जाए, टमाटर का मसाला तेल छोड़ दे, राजमा पूरी तरह मुलायम हो और ग्रेवी कुछ देर धीमी आंच पर पक जाए, तब घर की रसोई में भी ऐसा राजमा चावल तैयार हो सकता है जिसकी खुशबू और स्वाद आपको ढाबे की याद दिला दे।
गरम चावल पर गाढ़ा राजमा डालिए, ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालिए और बस—एक साधारण घरेलू भोजन को ढाबे वाले अंदाज में परोसने के लिए इतना ही काफी है।
